भगवान श्री जगन्नाथ जी की प्रिय मालपुआ रेसिपी
भारतीय संस्कृति में भगवान को भोग लगाने की परंपरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी जुड़ी हुई है। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में रोजाना जो 56 भोग (छप्पन भोग) अर्पित किए जाते हैं, उनमें से एक विशेष स्थान रखती है — मालपुआ। यह मिठाई सिर्फ स्वाद का अनुभव नहीं, बल्कि श्रद्धा, परंपरा और भक्ति का प्रतीक है। मावा, केले, सौंफ और इलायची से बनी यह पारंपरिक मिठाई भगवान जगन्नाथ को अर्पित की जाती है और इसे प्रसाद के रूप में भक्तगण ग्रहण करते हैं।इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि कैसे आप घर पर पुरी मंदिर शैली की शुद्ध, सात्विक और स्वादिष्ट मालपुआ बना सकते हैं
👉 सामग्री
बैटर (घोल) के लिए:
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गेहूं का आटा – 1 कप
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ताजा दूध – 1/2 कप
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मावा (खोया) – 1/2 कप (कद्दूकस किया हुआ)
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सौंफ – 1/2 चम्मच
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इलायची पाउडर – 1/2 चम्मच
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केला – 1 (मैश किया हुआ )
चाशनी के लिए:
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चीनी – 1 कप
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पानी – 1/2 कप
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केसर के कुछ धागे (वैकल्पिक)
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इलायची – 2-3 (कुचली हुई)
तलने के लिए:
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देसी घी – आवश्यकतानुसार
👉विधि
चरण 1: मालपुआ का बैटर तैयार करना
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एक बर्तन में गेहूं का आटा लें।
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उसमें मैश किया हुआ केला, मावा, सौंफ और इलायची पाउडर डालें।
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अब धीरे-धीरे दूध डालते हुए एक गाढ़ा घोल तैयार करें।
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इस घोल को ढककर 20-30 मिनट के लिए रखें जिससे थोड़ा फर्मेंटेशन हो जाए।
चरण 2: चाशनी बनाना
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एक पैन में पानी और चीनी डालें।
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मध्यम आंच पर पकाएं जब तक एक तार की चाशनी बन जाए।
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इसमें इलायची और केसर डालें।
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गैस बंद करके अलग रख दें।
चरण 3: मालपुआ तलना
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एक कड़ाही में घी गरम करें।
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जब घी मध्यम गरम हो जाए, तब एक करछी से घोल लेकर कड़ाही में डालें।
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मालपुआ को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें।
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तले हुए मालपुए को चाशनी में 1-2 मिनट के लिए डुबोएं।
अब इस शुद्ध और प्रेम से बनी मालपुआ को भगवान जगन्नाथ को भोग लगाइए और उनकी कृपा प्राप्त कीजिए।अगर आपको यह भगवान श्री जगन्नाथ की प्रिय मालपुआ रेसिपी पसंद आई हो, तो कृपया इसे शेयर करें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं कि आपने यह रेसिपी कब और कैसे बनाई, और कैसा अनुभव रहा। आपकी राय हमारे लिए बहुत मूल्यवान है।ऐसे ही और पारंपरिक और भक्ति से जुड़ी रेसिपी के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें और जुड़े रहें श्रद्धा और स्वाद की इस यात्रा में।
जय जगन्नाथ 🙏


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